गेहूं और चावल जैसे कृषि उत्पादों के निर्यात में २०१५-१६ में भारी गिरावट दर्ज की गई है

wheat--621x414पिछले दो साल से सूखे की मार झेल रहे देश के कई हिस्सों का असर कृषि उत्पादों के निर्यात पर पड़ा है। वर्ष २०१५-१६ में कृषि उत्पादों के निर्यात में २५ फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। सबसे ज्यादा गेहूं क निर्यात में ८०% की गिरावट आई है । कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य निर्यात विकाश प्रधिकरण (एपीडा) के अनुसार २०१५-१६ के दौरान देश से कुल ९५,७४४ करोड़ रुपये के मूल्य के कृषि उत्पादों का निर्यात जबकि २०१४-१५ के दौरान १,२०,३१६ करोड़ रुपये के मूल्य के कृषि उत्पादों का निर्यात किया गया था।

गेहूं निर्यात के मामले में वर्ष २०१५-१६ बहुत ही ख़राब साबित हुआ। इस साल गेहूं के निर्यात में मात्र के हिसाब से ८१.७२ % की भरी गिरावट दर्ज की गई। एपीडा के आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल २०१५ से फरबरी २०१६ के बीच ५,७५,९४३ टन गेहूं ९०५ करोड़ में निर्यात किया गया जबकि अप्रैल २०१४ से फरबरी २०१५ में २९,०१,७१६ टन गेहूं ४,९५३ करोड़ रुपये में निर्यात किया गया था। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कीमतों में कमी और देश में काम पैदावार और ख़राब गुणवत्ता के कारण निर्यात प्रभावित हुआ है।

चावल के निर्यात के आंकड़े भी निराशा की ओर ले जाते हैं। साल २०१५-१६ में गैर बासमती चावल ५७,१५,९२७ टन चावल १३५७१ करोड़ रूपए में जबकि २०१४-१५ में ७६,२०,५९३ टन चावल १८,८७२ करोड़ रुपये मूल्य का निर्यात किया गया था

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